ब्यूरो रिपोर्ट खरगोन। पंचायत इंडिया न्यूज़
खरगोन। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले की गोगावां ग्राम पंचायत में करीब 50 लाख रुपये के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप साबित होने पर महिला सरपंच रेशमा बाई राणा को पद से हटा दिया गया है। साथ ही प्रशासन ने उनसे राशि की वसूली के आदेश दिए हैं और आगामी 6 वर्षों तक किसी भी पंचायत चुनाव में भाग लेने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
जिला पंचायत द्वारा कराई गई जांच में कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। जांच रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018-19 में पंचायत को विभिन्न मदों में करीब 21.25 लाख रुपये मिले थे, जिनमें से लगभग 19.63 लाख रुपये नियमों के विपरीत खर्च किए गए। निर्माण कार्यों में भी गंभीर लापरवाही मिली—सीसी रोड, नाली और पावर ब्लॉक जैसे कार्यों में तय राशि से ज्यादा भुगतान किया गया, जबकि गुणवत्ता भी मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।

दस्तावेजों में कुल 38.94 लाख रुपये खर्च दिखाए गए, लेकिन जांच में सिर्फ 27.14 लाख रुपये के काम ही सही पाए गए। यानी करीब 11.80 लाख रुपये का अतिरिक्त और संदिग्ध भुगतान सामने आया। इसके अलावा ट्रैक्टर किराया, सफाई कार्य और मजदूरी भुगतान में भी गड़बड़ियां पाई गईं और कई जरूरी रिकॉर्ड गायब मिले।
मामले की शिकायत उप सरपंच अमरसिंह कदम ने की थी, जिसके बाद जांच शुरू हुई। जांच में यह भी सामने आया कि विधायक निधि से मंदिर के सामुदायिक भवन के फर्श निर्माण के लिए 2.40 लाख रुपये निकाले गए, लेकिन मौके पर कोई काम नहीं हुआ।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मिलिंद कुमार नागदेवे ने मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए सरपंच को बर्खास्त करने और राशि वसूलने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन अब मामले में आगे की सख्त कार्रवाई की तैयारी में है, जिससे पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
