विकास ठप होने से टूटा सब्र, सरपंच ने खुद को पंचायत भवन में बंद कर दी आत्मदाह की चेतावनी

ब्यूरो रिपोर्ट नरसिंहपुर। पंचायत इंडिया न्यूज़

नरसिंहपुर। चीचली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत सीरेगांव में विकास कार्यों को लेकर उपजे विवाद ने मंगलवार रात गंभीर रूप ले लिया, जब सरपंच महेंद्र कुशवाहा ने पंचायत भवन में खुद को कैद कर आत्मदाह की चेतावनी दे डाली।

सरपंच का आरोप है कि उनकी पंचायत में स्वीकृत निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं को लेकर लगातार प्रशासनिक स्तर पर बाधाएं डाली जा रही हैं, जिससे गांव का विकास ठप हो गया है। वे पिछले दो वर्षों से ग्राम पंचायत में विकास कार्य कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने जनपद पंचायत से लेकर जिला प्रशासन तक कई बार लिखित आवेदन दिए और जनसुनवाई में भी अपनी समस्याएं रखीं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। निराकरण न होने से वे मानसिक रूप से बेहद आहत हैं।

उन्होंने कहा कि यह कदम निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत की लंबित समस्याओं को लेकर है। हमने तो विकास के नाम पर जनता से वोट मांगे थे, लेकिन आज जब ग्रामीण उनसे विकास कार्यों को लेकर सवाल करते हैं तो उन्हें गहरा दुख होता है, क्योंकि अधिकांश कार्य शुरू ही नहीं हो पाए हैं।

सरपंच के पंचायत भवन में कैद होने की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। प्रशासन और विभागीय अधिकारी माैके पर पहुंचे और सरपंच को समझाने-बुझाने का प्रयास शुरू किया।
सरपंच की आत्मबंदी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है। वीडियो में सरपंच भावुक और व्यथित नजर आ रहे हैं।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है और संवाद के माध्यम से स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि प्रशासन का यह भी कहना है कि वे जिन कार्यों के मूल्यांकन की बात कर रहे हैं, वे कार्य हुए ही नहीं तो मूल्यांकन किस चीज का कर दें। ग्राम पंचायत पर 8 लाख की रिकवरी की बात भी प्रशासन की ओर से कही गई है।

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