ब्यूरो रिपोर्ट निवाड़ी। पंचायत इंडिया न्यूज़
निवाड़ी। निवाड़ी जिले की विरोरा पहाड़ ग्राम पंचायत में विकास कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर डिप्टी कलेक्टर मनीष जैन को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में किए गए कार्यों और खर्च के बीच बड़ा अंतर है, जिससे संदेह की स्थिति बनी हुई है।
शिकायत के अनुसार, पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों के नाम पर फर्जी बिल लगाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। शिकायतकर्ता देवेंद्र यादव ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में अलग-अलग योजनाओं के तहत लगभग 10 से 15 लाख रुपये तक की राशि में गड़बड़ी की आशंका है। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में पहले भी कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

मनरेगा के कार्यों को लेकर भी ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जिन कार्यों को मजदूरों से कराया जाना चाहिए था, उन्हें मशीनों से पूरा कर लिया गया। इसके बावजूद रिकॉर्ड में मजदूरों की उपस्थिति दिखाकर भुगतान निकाला गया। इससे मजदूरों को काम और मजदूरी दोनों से वंचित होना पड़ा, जो योजना के उद्देश्य के विपरीत है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मोबाइल एप (NMMS) के माध्यम से बिना वास्तविक कार्य के ही मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गई। उनका कहना है कि इस संबंध में उनके पास फोटो और वीडियो जैसे साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें जांच के दौरान प्रस्तुत किया जाएगा। इससे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
इसके अलावा, पंचायत में ग्राम सभाओं के नियमित आयोजन न होने का मुद्दा भी सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सभाएं नहीं होने से उन्हें यह जानकारी नहीं मिल पाती कि गांव में कौन-कौन से कार्य हो रहे हैं और किस मद में कितना खर्च किया जा रहा है। इससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जिला स्तर पर एक स्वतंत्र टीम गठित कर मामले की गहराई से जांच कराई जाए। साथ ही, कार्यस्थलों का निरीक्षण, भुगतान से जुड़े दस्तावेजों और मस्टर रोल की जांच की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आगे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
