कैबिनेट बैठक में हजारों करोड़ के फैसलों की सौगात, किसानों और छात्रों के लिए खुला खजाना, जानिए महत्वपूर्ण बातें

भोपाल से दीपेश वर्मा की रिपोर्ट। पंचायत इंडिया न्यूज़

भोपाल। भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के समग्र विकास को नई गति देने वाले कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक के बाद मंत्री चेतन्य कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई परियोजनाओं के लिए कुल ₹26,800 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है। खासतौर पर शाजापुर जिले के लखुंदर बांध के लिए ₹155 करोड़ मंजूर किए गए हैं, जिससे 17 गांवों की लगभग 9,000 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग के पुराने लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए ₹26,311 करोड़ और नई परियोजनाओं के लिए ₹53,000 करोड़ की बड़ी राशि को भी मंजूरी दी गई है, जिससे प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।

कैबिनेट बैठक में प्रदेश के किसानों के लिए भी राहत भरी खबर सामने आई। केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश को 100 लाख टन गेहूं उपार्जन की अनुमति दी है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड माना जा रहा है। अभी तक करीब 29 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है और किसानों के खातों में ₹25.46 हजार करोड़ से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है। किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए अब उपार्जन केंद्र सप्ताह में 6 दिन खुले रहेंगे और शनिवार को भी खरीद जारी रहेगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि बारदाने की कमी नहीं होने दी जाएगी।

शिक्षा और समाज कल्याण के क्षेत्र में भी सरकार ने संवेदनशील निर्णय लिए हैं। दिल्ली में पढ़ाई कर रहे ओबीसी वर्ग के छात्रों की छात्रवृत्ति को ₹1,550 से बढ़ाकर ₹10,000 प्रति माह कर दिया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, भीषण गर्मी को देखते हुए प्रदेश की 38,901 आंगनवाड़ियों में ₹80 करोड़ की लागत से बिजली कनेक्शन और पंखों की व्यवस्था की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज और रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में पीजी सीटों और सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भी मध्य प्रदेश नई पहल कर रहा है। कूनो राष्ट्रीय उद्यान के बाद अब बालाघाट के जंगलों में जंगली भैंसों को बसाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके साथ ही असम से गैंडों के दो जोड़े लाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और पारिस्थितिक संतुलन भी मजबूत होगा। बैठक में आगामी जनगणना को लेकर भी चर्चा हुई, जिसमें नागरिकों से डिजिटल स्व-गणना को अपनाने की अपील की गई। साथ ही ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ को जन-आंदोलन का रूप देने का संकल्प भी लिया गया, ताकि जल संरक्षण को लेकर व्यापक जागरूकता पैदा हो सके।

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