मध्यप्रदेश में अब तक 4.88 लाख किसानों से 19 लाख 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं उपार्जित, 9.60 लाख स्लॉट बुक, 9 मई है लास्ट डेट

भोपाल से दीपेश वर्मा की रिपोर्ट। पंचायत इंडिया न्यूज़

भोपाल। मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया जारी है। अबतक प्रदेश में 4 लाख 88 हजार 270 किसानों से 19 लाख 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। किसानों को 2548 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान भी किए जा चुके हैं। इसके अलावा अबतक 9.60 लाख किसानों द्वारा 57.75 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। बड़े एवं मध्यम वर्ग के 1 लाख 60 हजार किसानों ने भी स्लॉट बुक कराया है।

जिन किसानों ने अबतक स्लॉट बुक नहीं किए हैं वे 9 मई 2026 तक कर सकते हैं। अब हर शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन का कार्य जारी रहेगा। इस साल किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि किसान को तहसील के स्थान पर जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय करने की सुविधा दी गई। उपार्जन केन्द्रो पर प्रतिदिन, प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूं विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन, प्रति उपार्जन केन्द्र किया गया। तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है। FAQ मापदण्ड को शिथिल करते हुए चमकविहीन गेहूं की सीमा 50% तक, सूकड़े दाने की सीमा 06% से बढ़ाकर 10% तक और क्षतिग्रस्त दानों की सीमा बढ़ाकर 06% तक की गई। उपार्जित गेहूं को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही PP/HDP बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

गौरतलब है कि प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!