मध्यप्रदेश में मोहन यादव कैबिनेट के 5 बड़े फैसले, 25 हज़ार से ज्यादा आदिवासी परिवारों को मुफ्त रजिस्ट्री, 19000 करोड़ की नई आबकारी नीति को मंजूरी

भोपाल से दीपेश वर्मा की रिपोर्ट। पंचायत इंडिया न्यूज़

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने कई महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाले फैसले लिए हैं। कैबिनेट की बैठक में आदिवासी कल्याण, कृषि और राजस्व से जुड़े प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। सबसे बड़ा फैसला सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित हजारों आदिवासी परिवारों को राहत देने वाला है, वहीं सरकार ने अपनी नई आबकारी नीति का भी ऐलान कर दिया है।

बैठक के बाद एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने मीडिया को इन फैसलों की विस्तृत जानकारी दी। सरकार का जोर किसान-हितैषी योजनाओं के साथ-साथ राज्य के राजस्व को बढ़ाने पर भी है।

आदिवासी विस्थापितों को 600 करोड़ की राहत
कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित तीन जिलों-धार, बड़वानी और अलीराजपुर के 25,602 आदिवासी परिवारों को बड़ी राहत दी है। इन परिवारों को जो भूखंड आवंटित किए गए हैं, उनके पट्टों की रजिस्ट्री अब पूरी तरह निःशुल्क होगी। इस फैसले से सरकार के खजाने पर लगभग 600 करोड़ रुपये का भार आएगा, जिसे राज्य सरकार वहन करेगी। यह कदम लंबे समय से रजिस्ट्री के बोझ तले दबे विस्थापितों के लिए एक बड़ी सौगात है।

नई आबकारी नीति और सिंचाई परियोजनाओं को हरी झंडी
सरकार ने प्रदेश के लिए 2026-27 की नई आबकारी नीति को भी मंजूरी दे दी है। इस नीति के तहत लगभग 19,000 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। मंत्री चैतन्य काश्यप के अनुसार, नई नीति में व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने और अवैध शराब के कारोबार पर सख्ती से लगाम लगाने के लिए कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं।

इसके अलावा, कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कटनी और मैहर जिलों में दो बड़ी सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है।

धनवाही सूक्ष्म सिंचाई परियोजना
बरही सूक्ष्म सिंचाई परियोजना
इन दोनों परियोजनाओं पर कुल 620.65 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचित करने में मदद मिलेगी।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
कैबिनेट ने राज्य समाज कल्याण मंडल को भंग करने का भी निर्णय लिया है। मंडल के सभी कर्मचारियों का अब महिला एवं बाल विकास विभाग में संविलियन किया जाएगा। साथ ही, विभिन्न विभागों की करीब 10 महत्वपूर्ण योजनाओं को अगले 5 वर्षों (2026-31) तक जारी रखने के लिए वित्तीय मंजूरी भी प्रदान की गई।

यह बैठक इसलिए भी अहम थी क्योंकि 18 फरवरी 2026 को पेश होने वाले बजट के स्वरूप और प्राथमिकताओं पर भी चर्चा हुई। सरकार का फोकस ‘कृषि उद्योग’ और ‘रोजगार सृजन’ पर रहेगा, जिसके लिए बजट में विशेष प्रावधान किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बैठक में मंदसौर में महाकाल लोक की तर्ज पर ‘पशुपतिनाथ लोक’ के निर्माण और प्रदेश के पहले ‘पुष्प महोत्सव’ के आयोजन की भी जानकारी दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!