भोपाल से दीपेश वर्मा की रिपोर्ट। पंचायत इंडिया न्यूज़
भोपाल। मध्यप्रदेश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत फर्जी जॉब कार्ड और भुगतान के मामले सामने आए हैं। वर्ष 2025-26 में भोपाल में छह फर्जी जॉब कार्ड पकड़े गए, जबकि सात जिलों में फर्जी भुगतान के मामलों में कार्रवाई की गई। यह जानकारी पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने विधानसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से दी।

कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत के प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री प्रहलाद पटेल ने बताया कि वर्ष 2025-26 में केवल भोपाल जिले में फर्जी जॉब कार्ड के छह मामले पाए गए। इसके अतिरिक्त प्रदेश के सात जिलों में फर्जी भुगतान के मामले पकड़े गए, जिनमें नोटिस, एफआईआर, सेवा समाप्ति, वेतनवृद्धि रोकने और वसूली जैसी कार्रवाई की गई है। कुछ प्रकरण अभी प्रचलन में हैं।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि श्रमिकों को शत-प्रतिशत मजदूरी आधार आधारित बैंक खातों में दी जा रही है और सभी श्रमिकों का ई-केवाईसी कर भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है।

वर्षवार फर्जी जॉब कार्ड के मामले
वर्ष , जिला, फर्जी जॉब कार्ड (संख्या)
2022-23 ग्वालियर 101
2022-23 नीमच 05
2022-23 रायसेन 07
2022-23 शिवपुरी 01
2023-24 छतरपुर 01
2023-24 ग्वालियर 51
2023-24 रायसेन 01
2023-24 शिवपुरी 03
2025-26 भोपाल 06
जिलों में की गई प्रमुख कार्रवाई
भोपाल के ग्राम पंचायत अरावती के तत्कालीन सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। छतरपुर में ग्राम रोजगार सहायक पर कार्रवाई हुई। ग्वालियर में हरसी के रोजगार सहायक की सेवा समाप्त की गई, जबकि धोवट और खड़ौआ में वेतनवृद्धि रोकी गई। बाजना के सरपंच-सचिव पर वसूली अधिरोपित की गई। रायसेन में एक जीआरएस की सेवा समाप्त कर तीन सचिवों से वसूली की गई, जबकि शिवपुरी में भी राशि वसूली की गई।
सरकार का कहना है कि MGNREGA में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और सत्यापन की प्रक्रिया लगातार जारी है।
