पंचायत सचिवों को सीएम की सौगातें, सचिवों को मिलेगा विशेष भत्ता, सैलरी भी बढ़ेगी!

भोपाल से दीपेश वर्मा की रिपोर्ट

भोपाल। मध्यप्रदेश के पंचायत सचिवों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई सौगातें दी है। पंचायत सचिवों की रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाकर 62 साल की गई है। 13 सितंबर 2023 से सातवें वेतनमान का लाभ दिया जाएगा। समयमान-वेतनमान को लेकर जल्द फैसला लिया जाएगा। जिला कैडर का गठन किया जाएगा। पंचायत सचिवों को विशेष भत्ता भी दिया जाएगा। पंचायत सचिव की मृत्यु के बाद परिजन को दिए जाने वाले डेढ़ लाख रुपये अनुकंपा नियुक्ति के बाद वापस नहीं लिए जाएंगे। वृंदावन गांव योजना पंचायत सचिव के माध्यम से होगी। दरअसल, राजधानी भोपाल के दशहरा मैदान में हुए प्रदेश स्तरीय पंचायत सचिव सम्मेलन के दौरान सीएम मोहन यादव ने पंचायत सचिवों को ये बड़ी सौगातें दी हैं। जैसे ही सीएम ने पंचायत सचिवों को ये सौगातें दीं वैसे ही पूरा आयोजन स्थल तालियों की गडगड़़ाहट और सीएम मोहन यादव जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था में पंचायत सचिव जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की धुरी हैं। वे सरकारी योजनाओं को कागज से जमीन तक पहुंचाते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना हो या सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, पंचायत सचिव ग्रामीण परिवारों के लिए एक जिम्मेदार सदस्य की तरह कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवों की चिंता करना सरकार का कर्तव्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत सचिवों के लिए जिला स्तर पर कैडर का गठन किया जा रहा है और उन्हें डिजिटल भारत के अनुरूप सभी आधुनिक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पंचायतों को सम्मान, संसाधन और आधुनिक सुविधाएं देने के लिए अटल भवन और सामुदायिक भवनों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण से प्रशासनिक संस्कृति में सकारात्मक बदलाव लाया गया है। प्रदेश स्तरीय पंचायत सचिव सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव ने ऐलान किया कि 7वें वेतनमान के तहत अब पंचायत सचिवों को सैलरी मिलेगी। इसके साथ ही सीएम ने पंचायत सचिवों की रिटायरमेंट की आयु सीमा 62 साल किए जाने की घोषणा भी की। इस दौरान सीएम मोहन यादव ने कहा कि भारत की आत्मा गांव में बसती है। प्रगति के लिए गांव की समृद्धि जरूरी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने गरीब, महिला, युवा, गांव को जोड़ा है। सरकार के निर्णय पंचायतों के विकास को लेकर हो रहे हैं। गांव और देश के विकास के लिए पंचायत, पंचायत सचिव और पंचपरमेश्वर काम कर रहे हैं। कार्यक्रम में प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल भी मौजूद रहे।

सचिवों को विशेष भत्ता और सेवा सुरक्षा की गारंटी
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, पंचायत सचिवों के सेवाकाल में वृद्धि के अहम निर्णय के साथ अब वे 62 की उम्र तक सेवा दे सकेंगे। इसके साथ ही उन्हें प्रतिमाह 1300 रुपए विशेष भत्ते के साथ ही 7 वें वेतनमान की भी सौगात दी गई। इसके अलावा जिला स्तर पर सरकार पंचायत सचिवों का कैडर भी गठित करेगी। उनके वेतनमान और आन्य सेवा शर्तों को और बेहतर बनाने के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी, जो सभी पहलुओं पर विचार कर सरकार को अपनी रिपोर्ट देगी। उन्होंने कहा, सेवाकाल के दौरान पंचायत सचिव की मृत्यु होने पर परिवार को दी जाने वाली डेढ लाख रुपये की आकस्मिक सहायता राशि अनुकंपा नियुक्ति के बाद वापस नहीं ली जाएगी। वहीं डिजिटल इंडिया पर जोर देते हुए पंचायतों को तकनीकी संसाधनों से लेस करने की बात कही। उन्होंने कहा, इससे पंचायत के कार्यों में पारदर्शिता और गति आएगी। सीएम ने पंचायत सचिवों को विकास कार्यों की धुरी बताया। साथ ही कहा, रामराज्य की कल्पना करें तो सचिव पंचायती राज व्यवस्था में हनुमानजी की तरह हर कार्य को संभव बनाते है। सीएम ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का स्मरण कर कहा, कृषि कल्याण वर्ष को सफल बनाने के लिए तत्पर होकर कार्य करें।

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