अन्नदाता ही मध्यप्रदेश के भाग्य विधाता, किसानों को समृद्ध बनाने के प्रयास तेज : मुख्यमंत्री

मध्यप्रदेश डेस्क। पंचायत इंडिया न्यूज़

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है। दूरांचल क्षेत्रों व गांवों में रहने वाले ग्रामीणों और शहरी आबादी को समयबद्ध और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों, ऐसी व्यवस्थाए सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ये उनकी जवाबदारी है कि हर जरूरतमंद को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके। सीएम ने इस संबंध में अपने वक्तव्य में कहा कि स्वास्थ्य अधोसंरचना के व्यापक विस्तार, गुणवत्तापूर्ण उपचार सुविधाओं की उपलब्धता और चिकित्सा शिक्षा के सुदृढ़ीकरण के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में सुनियोजित प्रावधान किए गए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुल 23 हजार 747 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। राज्य सरकार का संकल्प है कि स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित मानव संसाधन और सुदृढ़ अधोसंरचना के माध्यम से नए आयाम दिए जाएँ। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 4,600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, रोग नियंत्रण और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना एवं संचालन के लिए 1,934 करोड़ रुपये तथा उप स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए 782 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। सामुदायिक, उप एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण के लिए 580 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और बेहतर होगी। आशा कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन के लिये 550 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना के लिए 750 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जिससे जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के तहत प्रदेश में 4 करोड़ 46 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने एक अन्य वक्तव्य में कहा कि अन्नदाता ही मध्यप्रदेश के भाग्य विधाता हैं। जिन्हें समृद्ध बनाने की दिशा में सरकार द्वारा चौतरफा प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश का किसान सशक्त होता है, वही प्रदेश समृद्धि के शिखर को छूता है। सीएम ने कहा कि वर्ष 2026 किसान कल्याण वर्ष के साथ रोजगार आधारित कृषि उद्योगों के विकास वर्ष के रूप में भी मनाया जा रहा है। इसका एकमात्र लक्ष्य है हर संभव तरीके से किसानों की आय बढ़ाकर उनके जीवन में समृद्धि लाना।

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