भोपाल में सीएम मोहन यादव ने ली कलेक्टरों की मीटिंग, गेहूं खरीदी को लेकर दी सख्त चेतावनी, गेहूं खरीदी में नहीं चलेगी लापरवाही, सुधरे नहीं तो 6 दिन वर्किंग वीक!

भोपाल से दीपेश वर्मा की रिपोर्ट। पंचायत इंडिया न्यूज़

भोपाल। मध्यप्रदेश में गेहूं उपार्जन की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिला कलेक्टरों को सख्त निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि, ”किसानों को गेहूं खरीदी के दौरान किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए. उपार्जन केंद्रों पर बारदानों की उपलब्धता, पंजीकृत किसानों का सत्यापन और समय पर भुगतान की व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए.” मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि, ”जिलों में काम के आधार पर ही अधिकारियों की भूमिका तय होगी और जो कलेक्टर बेहतर प्रदर्शन और परिणाम देंगे, वही मैदान में बने रहेंगे.”

किसानों के पंजीयन की अंतिम तारीख 7 मार्च
मंत्रालय में आयोजित राज्य स्तरीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को सभी जिला कलेक्टरों से वर्चुअल संवाद किया. उन्होंने बताया कि, ”प्रदेश में गेहूं उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 16 मार्च से 5 मई तक किया जाएगा.” वहीं जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, चंबल और सागर संभाग में खरीदी 23 मार्च से 12 मई तक चलेगी. किसानों के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च तय की गई है.”

उपार्जन केंद्रों पर पर्याप्त इंतजाम के निर्देश
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि, ”सभी जिलों में समय-सीमा के भीतर उपार्जन केंद्रों का निर्धारण और उनकी स्थापना कर दी जाए. केंद्रों पर पेयजल, छाया, तौल व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. उपार्जन कार्य में लगे कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण देने और जिला उपार्जन समितियों की नियमित बैठक कर समस्याओं का तत्काल समाधान करने के भी निर्देश दिए गए हैं.”

खाड़ी देशों में फंसे नागरिकों के लिए कंट्रोल रुम
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को खाड़ी देशों में रह रहे प्रदेश के नागरिकों और विद्यार्थियों के परिवारों से भी लगातार संपर्क बनाए रखने को कहा है. उन्होंने बताया कि, ”मध्य प्रदेश भवन नई दिल्ली और वल्लभ भवन में प्रदेशवासियों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं. जिला स्तर पर भी ऐसे परिवारों से समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं.”

कर्मचारी नहीं सुधरे, तो सप्ताह में 6 दिन होंगे कार्यदिवस
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सोशल मीडिया पर शासन और प्रशासन से जुड़ी भ्रामक या मिथ्या जानकारी का जिला स्तर पर तुरंत खंडन किया जाए. वर्तमान में स्कूल और कॉलेजों में परीक्षाओं का समय होने के कारण कलेक्टरों को शैक्षणिक संस्थानों, छात्रावासों और विश्वविद्यालय परिसरों का आकस्मिक निरीक्षण करने को कहा गया है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सरकारी कार्यालयों में समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि, ”यदि कार्यालयीन समय के पालन में सुधार नहीं हुआ तो राज्य में छह दिन का कार्य सप्ताह लागू करने पर विचार किया जाएगा.”

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