भोपाल से दीपेश वर्मा की रिपोर्ट। पंचायत इंडिया न्यूज़
भोपाल। मध्यप्रदेश मंत्रि‑परिषद की बैठक में मंगलवार हुई. सीएम मोहन यादव की अध्यक्ष्ता में हुई इस मीटिंग में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. गेहूं और उड़द किसानों को बोनस, कर्मचारियों‑पेंशनर्स के लिए 3% महंगाई भत्ता, पचमढ़ी को ग्रीन डेस्टिनेशन का दर्जा, विभिन्न विभागों की योजनाओं की निरंतरता और गुड गवर्नेंस के लिए नई इंटर्नशिप योजना जैसे फैसलों पर कैबिनेट ने मुहर लगाई. मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ESIC अस्पतालों के स्टाफ की उपलब्धता के लिए भी राज्य सरकार ने स्वीकृति प्रदान की.
कैबिनेट ने गेहूं खरीदी पर पहली बार 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस स्वीकृत किया, जिससे समर्थन मूल्य 2625 रुपये हो गया. उड़द पर 600 रुपये बोनस देने का भी निर्णय लिया गया.
स्वामित्व योजना में बड़ी राहत
स्वामित्व योजना के तहत 46 लाख परिवारों को चिन्हित किया गया है. राज्य सरकार ऐसे लोगो की रजिस्ट्री में स्टाम्प शुल्क माफ करेगी.
योजनाओं की निरंतरता
7 विभागों की योजनाएं अगले 5 वर्षों के लिए जारी रहेंगी. कुल 33,244 करोड़ की मंजूरी.
कर्मचारियों को बड़ा लाभ
कर्मचारियों और पेंशनर्स को 3% महंगाई भत्ता देने के प्रस्ताव को औपचारिक स्वीकृति.
गुड गवर्नेंस के लिए नई इंटर्नशिप योजना
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान के माध्यम से इस योजना का संचालन किया जाएगा. हर ब्लाक में 15 युवाओं इससे जोड़ा जाएगा. इससे वो सरकार की योजनाओं जमीन स्तर का इम्पैक्ट और उसकी कठनाईयों को जानकारी एकत्रित करेंगे. 4865 युवा इंटर्न के रुप में काम करेंगे. नई योजना के तहत इन युवाओं के जरिए फीड बैक मिलेगा. पारदर्शी तरीके से चयन होगा. 1 साल के कॉन्ट्रैक्ट के तौर पर रखा जाएगा. 3 साल तक योजना की निरंतरता रहेगी. डैशबोर्ड और पोर्टल के माध्यम से निगरानी होगी. सरकार की हर योजना अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही है या नहीं यह सुनिश्चित किया जा रहा है. मध्यप्रदेश सुशासन की स्थापना की ओर सरकार आगे बढ़ रही है.
ESIC अस्पतालों में स्टाफ स्वीकृत
ESIC के तीन अस्पताल के स्टाफ की उपलब्धता के लिए राज्य सरकार ने स्वीकृति दी है. यहां केंद्र सरकार बिल्डिंग बना रही है. मैहर, कैमूर और निमरानी में काम जारी है.
युद्ध के कारण मध्यप्रदेश में कहीं कोई समस्या नहीं
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भारत के पास उत्पाद की पर्याप्त उपलब्धता है. पेट्रोलियम पदार्थों की स्टॉक मध्यप्रदेश में बराबर है. कमर्शियल सिलेंडर को लेकर केंद्र सरकार ने कल निर्णय लिया है उसके पीछे कुछ कारण हो सकते हैं. हम सतत निगरानी कर रहे हैं. युद्ध कितना भी चले, लेकिन हमारे नागरिकों को कोई परेशानी न हो इसको लेकर हम सजग हैं
