भोपाल से दीपेश वर्मा की रिपोर्ट। पंचायत इंडिया न्यूज़
भोपाल। मध्यप्रदेश के लिए दिल्ली से दोहरी खुशखबरी आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के बाद राज्य को वित्तीय मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है। केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन के लिए बकाया 4000 करोड़ रुपये देने पर सहमति जता दी है। इसके साथ ही, राज्य की बढ़ती जीएसडीपी के आधार पर बाजार से कर्ज लेने की सीमा बढ़ाने की मांग को भी हरी झंडी मिल गई है।
गुरुवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पांच प्रमुख मुद्दों को लेकर दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। उनकी सबसे अहम बैठक केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई। इन बैठकों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिससे राज्य की कई महत्वपूर्ण योजनाओं को गति मिलेगी।
जल जीवन मिशन को मिलेगी रफ्तार
मुख्यमंत्री यादव ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल को बताया कि मध्य प्रदेश ने अपने संसाधनों से लगभग 9000 करोड़ रुपये खर्च कर जल जीवन मिशन योजना को जारी रखा है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2024-25 के 4500 करोड़ और 2025-26 के 5000 करोड़ रुपये केंद्र के पास लंबित हैं।
इस योजना को पूरा करने की समय सीमा 2028 है, लेकिन मध्य प्रदेश ने 2026 तक ही 99% काम पूरा कर लिया है। राज्य के इस प्रदर्शन की सराहना करते हुए मंत्री सीआर पाटिल ने बधाई दी और मार्च 2026 से पहले 4000 करोड़ रुपये की राशि जारी करने पर अपनी सहमति दे दी।
बढ़ेगी मध्य प्रदेश की कर्ज लेने की सीमा
जल शक्ति मंत्री से मुलाकात के बाद सीएम यादव केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिले। इस बैठक में वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश की औसत विकास दर 10% है और वर्ष 2026-27 तक राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) बढ़कर 18 लाख 48 हजार करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
इसी आधार पर उन्होंने राज्य को बाजार से कर्ज लेने की सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया। वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय वित्त मंत्री ने इस प्रस्ताव पर अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है, जिससे राज्य को विभिन्न विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी।
निकायों और स्वास्थ्य के लिए भी राशि की मांग
अपनी दिल्ली यात्रा के दौरान सीएम यादव ने अन्य लंबित मांगों को भी उठाया। उन्होंने 15वें वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित राशि को पूरी तरह जारी करने की मांग की।
नगरीय एवं ग्रामीण निकाय: सीएम ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के 512 करोड़ और 2025-26 के 1,181 करोड़ रुपये अभी मिलने बाकी हैं।
स्वास्थ्य अधोसंरचना : 15वें वित्त आयोग के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 2021-22 से 2025-26 तक स्वीकृत 4,600 करोड़ के विरुद्ध अब तक केवल 3,690 करोड़ ही प्राप्त हुए हैं।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने आगामी सिंहस्थ के लिए भी केंद्र से वित्तीय सहायता की मांग की है, जो उनकी यात्रा के प्रमुख एजेंडों में से एक था।
