कर्जमाफी की आस में नहीं चुकाया कर्ज, 40 हजार किसान हुए डिफॉल्टर, वसूली के लिए बैंक भेज रहा नोटिस!

ब्यूरो रिपोर्ट छिंदवाड़ा। पंचायत इंडिया न्यूज़

छिंदवाड़ा/पांढुर्णा। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिलों में हजारों किसान कर्जमाफी की उम्मीद में अब आर्थिक संकट में घिरते नजर आ रहे हैं। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक से ऋण लेने वाले करीब 40 हजार से अधिक किसान डिफॉल्टर की सूची में शामिल हो गए हैं। कर्ज चुकाने के बजाय कई किसान पिछले तीन वर्षों से संभावित कर्जमाफी की उम्मीद लगाए बैठे रहे, लेकिन अब बैंक की ओर से उन्हें नोटिस भेजे जा रहे हैं। डिफॉल्टर होने के कारण ये किसान अब नया ऋण लेने और खाद-बीज खरीदने में भी कठिनाई का सामना कर रहे हैं।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की 26 शाखाओं और 185 सहकारी समितियों से जुड़े करीब सवा लाख खाताधारक किसानों में बड़ी संख्या में किसान बकाया ऋण के कारण डिफॉल्टर घोषित हो चुके हैं। जून 2025 की सूची के अनुसार दोनों जिलों के 45 हजार 448 किसानों पर लगभग 269 करोड़ 31 लाख 97 हजार रुपये का बकाया था। वहीं वर्ष 2025-26 के रबी और खरीफ सीजन में 84 हजार 743 किसानों को 1187 करोड़ 74 लाख 19 हजार रुपये का ऋण वितरित किया गया, जिसमें से अब तक करीब 319 करोड़ 55 लाख 71 हजार रुपये की ही वसूली हो सकी है। शेष करीब 40 हजार किसानों से राशि वसूलना अभी बाकी है।

बैंक प्रबंधन का कहना है कि डिफॉल्टर किसानों को भारी ब्याज के बोझ से बाहर निकालने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। किसानों को पुराना कर्ज जमा कर तुरंत नया ऋण लेने का विकल्प दिया जा रहा है, जिससे वे शून्य प्रतिशत ब्याज दर की योजना का लाभ उठा सकें। जिला सहकारी बैंक के सहायक महाप्रबंधक ए.के. जैन के अनुसार खरीफ सीजन के अल्पकालीन ऋण की राशि 28 मार्च तक जमा करनी होगी, जबकि रबी सीजन के लिए ली गई राशि 15 जून तक चुकाने पर ही शून्य प्रतिशत ब्याज का लाभ मिल सकेगा।
इधर इस मुद्दे पर राजनीति भी तेज हो गई है। जिला किसान कांग्रेस के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी की प्रक्रिया शुरू की थी और कई किसानों की फाइलों पर हस्ताक्षर भी किए थे। उनका आरोप है कि सरकार बदलने के कारण यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी और किसानों को उम्मीद थी कि दोबारा सरकार बनने पर कर्ज माफ होगा।

वहीं भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष संजय पटेल ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य की भाजपा सरकार किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित कई योजनाओं का लाभ दे रही है। उनका कहना है कि दो लाख रुपये तक के कर्ज वाले किसानों के ब्याज में भी राहत दी गई है और कांग्रेस ने किसानों को कर्जमाफी के नाम पर भ्रमित किया था।

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