ब्यूरो रिपोर्ट छतरपुर। पंचायत इंडिया न्यूज़
छतरपुर। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में भ्रष्टाचार के मामले में जिला पंचायत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत सरबई के सचिव भईयाराम केवट को निलंबित कर दिया है। सचिव पर आरोप है कि उन्होंने पंचायत के निर्माण कार्यों के भुगतान के एवज में सरपंच से एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। इस पूरे मामले का ऑडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच के बाद कार्रवाई की गई।
मामला जनपद पंचायत गौरिहार अंतर्गत ग्राम पंचायत सरबई का है। 12 मार्च 2026 को सचिव भईयाराम केवट का एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे पंचायत के निर्माण कार्यों के भुगतान के बदले सरपंच से एक लाख रुपये पारितोषण मांगते हुए सुनाई दे रहे थे। ऑडियो सामने आने के बाद जिला पंचायत छतरपुर ने इसकी जांच कराई। प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर इसे गंभीर कदाचार माना गया।

जिला पंचायत छतरपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि यह कृत्य मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 का उल्लंघन है। इसी के आधार पर म.प्र. पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999 के नियम 4 (1) (क) के तहत सचिव भईयाराम केवट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान सचिव को जनपद पंचायत गौरिहार कार्यालय से संबद्ध किया गया है। साथ ही नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
इस कार्रवाई के बाद पंचायत व्यवस्था में भ्रष्टाचार को लेकर प्रशासन के सख्त रुख का संदेश गया है, वहीं स्थानीय स्तर पर इस मामले की चर्चा भी तेज हो गई है।
