ब्यूरो रिपोर्ट रतलाम। पंचायत इंडिया न्यूज़
रतलाम। रतलाम में कलेक्टर मिशा सिंह द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष लाला बाई को समय नहीं दिए जाने और जिला पंचायत अध्यक्ष के कलेक्ट्रेट की सीढ़ियों पर ही धरने पर बैठ जाने की घटना का आज शाम पटाक्षेप हो गया. करीब 24 घंटे के बाद कलेक्टर निशा सिंह ने भाजपा की जिला पंचायत अध्यक्ष लाला बाई को मिलने का समय दिया.
भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, अध्यक्ष लाला बाई और उनके पति शंभू लाल को कलेक्टर से मिलवाने शाम 5 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे. हालांकि इस दौरान भी जिला अध्यक्ष अपने ही जनप्रतिनिधि को यह समझाते हुए नजर आए कि कलेक्टर के सामने क्या बोलना है और क्या नहीं. मुलाकात करने पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष के साथ पहुंचे मीडिया कर्मियों से भी कलेक्टर मिशा सिंह नाराज नजर आईं और इस विषय पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.

वहीं कलेक्टर से हुई मुलाकात के बाद भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय ने इसे गलतफहमी में हुई घटना बताया और आगे से ऐसी घटना नहीं होने की बात कही. वहीं, रतलाम ग्रामीण से भाजपा विधायक मथुरालाल डामर ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों से तो मिलना ही चाहिए. यह तो गलत बात है कि जनप्रतिनिधि से वे लोग नहीं मिल रहे हैं.
दरअसल पूरा घटनाक्रम सोमवार देर शाम का है जहां जिला पंचायत अध्यक्ष लाला बाई अपने पति शंभू लाल के साथ किसी काम को लेकर कलेक्टर मिशा सिंह से मिलने पहुंची थी. जहां कलेक्टर ने उन्हें मिलने का समय नहीं दिया. जिससे नाराज होकर वह कलेक्ट्रेट परिसर की सीढ़िया पर ही धरने पर बैठ गईं. इसके बाद मंगलवार शाम को भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके पति कलेक्टर से मिलने पहुंचे हैं.
कलेक्टर के केबिन में करीब 20 मिनट तक हुई चर्चा के बाद मीडिया के सामने जिला पंचायत अध्यक्ष ने चुप्पी साध ली. वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय ने कहा कि कुछ गलतफहमी की वजह से यह घटना हुई है. हमने इन्हें धरने पर नहीं बैठने का अनुरोध किया था जिसके बाद आज कलेक्टर से मुलाकात कर सभी मुद्दों पर चर्चा की गई है. इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए जिला अध्यक्ष ने दोबारा ऐसी घटना नहीं होने की बात कही है.
वहीं, कई बार अधिकारियों को लेकर शिकायत करने वाले रतलाम ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामर भी आज कलेक्टर से मिलने पहुंचे. जहां कलेक्टर से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों को मिलने का समय तो देना ही होगा. जनप्रतिनिधि लोगों की समस्या लेकर उनके पास पहुंचते हैं. जिला पंचायत अध्यक्ष के पति शंभू लाल चंद्रवंशी ने बताया कि हमारे जिला अध्यक्ष के साथ कलेक्टर मैडम से मुलाकात कर सभी समस्याओं पर चर्चा की गई है. हालांकि यह पहली बार नहीं है जब राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त जिला पंचायत अध्यक्ष को नजरअंदाज किया गया हो.
गौरतलब है की रतलाम जिले में इससे पूर्व रतलाम ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामर, आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय भी अधिकारियों द्वारा फोन नहीं उठाने, मिलने का समय नहीं देने जैसी शिकायत दर्ज करवा चुके हैं. वहीं, अब जिला पंचायत अध्यक्ष ने भी इसी मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज करवाया है. जिससे रतलाम में भारतीय जनता पार्टी के संगठन और नेताओं पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर अधिकारी उनकी पार्टी के जनप्रतिनिधियों की सुनवाई क्यों नहीं कर रहे हैं.
