ब्यूरो रिपोर्ट जबलपुर। पंचायत इंडिया न्यूज़
जबलपुर। सरकारी दफ्तरों की आम छवि अक्सर औपचारिक और एक जैसी होती है, लेकिन जबलपुर जिला पंचायत कार्यालय में प्रवेश करते ही एक अलग ही दृश्य नजर आता है। यहां “उत्कृष्टता के प्रतिबिंब” नाम से लगा एक खास बोर्ड हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचता है। यह सिर्फ एक बोर्ड नहीं, बल्कि उन लोगों की मेहनत और उपलब्धियों का सार्वजनिक सम्मान है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर एक मिसाल पेश की है।
इस अनोखी पहल के पीछे जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत की सोच है, जो ग्रामीण विकास तंत्र में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना चाहते हैं। यही कारण है कि इस बोर्ड पर कर्मचारियों, अधिकारियों और सरपंचों के नाम और तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं, जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। खास बात यह है कि जिले के हर ब्लॉक से एक-एक पंचायत के सरपंच को इसमें स्थान दिया गया है।

जिले में कुल 542 ग्राम पंचायतें हैं, जहां रोजगार गारंटी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, पेंशन योजनाएं और जल-नल जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित हो रही हैं। इन योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी पंचायतों पर है, जबकि उनकी सतत निगरानी जिला पंचायत द्वारा की जाती है। ऐसे में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पहचान देना न केवल उन्हें प्रेरित करता है, बल्कि बाकी लोगों के लिए भी एक लक्ष्य तय करता है।
सीईओ अभिषेक गहलोत बताते हैं कि यह चयन पूरी तरह प्रदर्शन आधारित है। फरवरी माह में जिन पंचायतों, सचिवों और जनप्रतिनिधियों ने योजनाओं को सबसे प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचाया, उन्हें इस बोर्ड पर स्थान दिया गया। हर कार्य को अंक देकर उसका मूल्यांकन किया जाता है और उसी के आधार पर प्रतिशत निकालकर सर्वश्रेष्ठ का चयन होता है।
इस पहल का एक और महत्वपूर्ण पक्ष भी है। जहां एक ओर बेहतर काम करने वालों को सम्मानित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कमजोर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों पर भी नजर रखी जा रही है। अंतिम पांच पंचायतों की अलग से सूची बनाकर यह विश्लेषण किया जाता है कि कार्य में देरी या कमी के पीछे कारण क्या हैं। चाहे वह तकनीकी समस्या हो या लापरवाही। लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाती है, जबकि तकनीकी खामियों को दूर कर सुधार किया जाता है।
इस तरह “उत्कृष्टता के प्रतिबिंब” सिर्फ एक बोर्ड नहीं, बल्कि एक ऐसी पहल बन चुकी है, जो ग्रामीण विकास में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और जवाबदेही—तीनों को एक साथ मजबूती दे रही है।
