भोपाल से दीपेश वर्मा की रिपोर्ट। पंचायत इंडिया न्यूज़
भोपाल। मध्य प्रदेश में ग्रामीण प्रशासन को मजबूती देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (ग्राम पंचायत सचिव भर्ती, अनुशासन और सेवा की शर्तें) नियम 2026 लागू कर दिए हैं, जिसके साथ ही प्रदेश की 23,011 ग्राम पंचायतों में सचिव पदों पर भर्ती का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। इस नई व्यवस्था के तहत ग्राम रोजगार सहायकों को बड़ी राहत देते हुए प्रत्येक आरक्षित श्रेणी में 50 प्रतिशत कोटा दिया गया है, जिससे वर्षों से कार्यरत सहायकों को पदोन्नति का सीधा अवसर मिलेगा। भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से पात्रता परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें प्राप्त अंकों के आधार पर जिला और श्रेणीवार मेरिट सूची तैयार होगी, वहीं कुल रिक्त पदों के 15 प्रतिशत अभ्यर्थियों की प्रतीक्षा सूची भी बनाई जाएगी। समान अंक की स्थिति में अधिक आयु और सीपीसीटी (कंप्यूटर दक्षता परीक्षा) में बेहतर प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थी को प्राथमिकता दी जाएगी।

सरकार द्वारा पहले वर्ष 2025 में इस नियम का प्रारूप जारी कर 30 दिनों तक दावे-आपत्तियां आमंत्रित की गई थीं, जिसके बाद अंतिम संशोधन कर इसे अधिसूचित कर लागू किया गया है। नियमों के अनुसार हर वर्ष 15 जनवरी तक संचालनालय द्वारा रिक्त पदों की जानकारी कर्मचारी चयन मंडल को भेजी जाएगी। पंचायत सचिव का पद जिला संवर्ग के अंतर्गत रहेगा, जिससे स्थानीय प्रशासनिक नियंत्रण और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। वेतन संरचना को तीन चरणों में विभाजित किया गया है, जिसमें नियुक्ति के बाद दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि के दौरान ₹10,000 प्रतिमाह निश्चित वेतन मिलेगा, इसके बाद सातवें वेतनमान के अनुसार ₹19,500 से ₹62,200 और दस वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर ₹23,500 से ₹80,500 वेतनमान लागू होगा, हालांकि उच्च वेतनमान समिति की अनुशंसा पर ही प्रदान किया जाएगा।
भर्ती के लिए आयु सीमा सामान्य वर्ग के लिए 21 से 35 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिला और दिव्यांगजन को नियमानुसार छूट मिलेगी, वहीं ग्राम रोजगार सहायक कोटे से आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष रखी गई है। चयन के लिए स्नातक, हायर सेकेंडरी और कंप्यूटर दक्षता (CPCT) अनिवार्य योग्यता तय की गई है। पंचायत सचिवों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष निर्धारित की गई है। सेवा शर्तों के तहत त्यागपत्र देने की स्थिति में एक माह पूर्व जिला पंचायत सीईओ को सूचना देना अनिवार्य होगा या फिर एक माह का वेतन जमा करना होगा। साथ ही कार्य निष्पादन, आचरण और दक्षता के आधार पर वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (ACR) तैयार किया जाएगा।
कुल मिलाकर पंचायत सेवा नियम 2026 को ग्रामीण प्रशासन में पारदर्शिता, स्थिरता और रोजगार के नए अवसरों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसमें रोजगार सहायकों को मिला 50 प्रतिशत आरक्षण इस व्यवस्था को अधिक संतुलित और व्यावहारिक बनाता है।
